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    Krishna sacred lotus feet divine symbols spiritual worship

    एकादशी में क्या खाना चाहिए

    एकादशी व्रत की पूर्ण भोजन सूची — अनुमत भोजन, वर्जित भोजन, और नियमों का कारण।

    एकादशी व्रत क्या है?

    एकादशी प्रत्येक चंद्रमास में दो बार आती है — शुक्ल और कृष्ण पक्ष की ग्यारहवीं तिथि को। यह वैष्णव परंपरा का सबसे महत्वपूर्ण उपवास दिवस है। पद्म पुराण और अन्य शास्त्रों में एकादशी व्रत को हृदय शुद्ध करने और भगवान विष्णु को प्रसन्न करने की विहित साधना बताया गया है।

    मूल नियम सरल है: एकादशी पर सभी अन्न, दालें और फलियाँ त्याग दी जाती हैं। इसके अलावा भक्त का भोजन सरल, सात्त्विक और पहले कृष्ण को अर्पित होना चाहिए। कुछ भक्त कठोर निर्जला व्रत रखते हैं, कुछ केवल फल-दूध लेते हैं, और कुछ अन्न रहित व्यंजनों की पूरी थाली बनाते हैं। सही स्तर आपके स्वास्थ्य, साधना और वरिष्ठ भक्तों के मार्गदर्शन पर निर्भर करता है — पर अन्न-त्याग का सिद्धांत सबके लिए समान है।

    एकादशी में क्या खा सकते हैं

    • सभी फल

      ताजे और सूखे फल शुद्ध व सात्त्विक हैं — सबसे सरल एकादशी भोजन।

    • दूध, दही, पनीर, घी

      डेयरी अनुमत और पौष्टिक है; अन्न के तेल के स्थान पर घी में पकाते हैं।

    • मखाना

      घी में भूनकर या खीर में पकाकर — प्रिय एकादशी भोजन।

    • मेवे और सूखे मेवे

      मूँगफली, बादाम, काजू और नारियल व्रत में ऊर्जा और प्रोटीन देते हैं।

    • साबूदाना

      अन्न नहीं — एक स्टार्च जिससे खिचड़ी, खीर और वड़ा बनते हैं।

    • कुट्टू का आटा

      यह बीज का आटा है, अनाज नहीं — पूरी और पराठे के लिए।

    • राजगिरा (अमरंथ) का आटा

      व्रत में रोटी और शीरा के लिए अनुमत बीज-आटा।

    • सिंघाड़े का आटा

      व्रत में पूरी और पकौड़े के लिए गैर-अन्न आटा।

    • साम के चावल (सामक)

      वानस्पतिक रूप से बीज/घास — चावल के विकल्प के रूप में स्वीकार्य।

    • आलू, शकरकंद और अधिकांश सब्ज़ियाँ

      कंद और लौकी-वर्ग की सब्ज़ियाँ अनुमत हैं; केवल प्याज-लहसुन वर्जित।

    • सेंधा नमक

      व्रत के दिन साधारण आयोडीन नमक के स्थान पर सेंधा नमक।

    एकादशी में क्या नहीं खाना चाहिए

    • सभी अन्न — चावल, गेहूँ, जई, मक्का, जौ

      पद्म पुराण के अनुसार एकादशी तिथि पर पाप अन्न में निवास करता है, इसलिए सभी अनाज त्यागे जाते हैं।

    • सभी दालें, फलियाँ

      दालों को अन्न के साथ ही गिना जाता है और उस दिन त्याग दिया जाता है।

    • ब्रेड, पास्ता, नूडल्स, सूजी

      ये अन्न-आटे के उत्पाद हैं और अन्न प्रतिबंध में आते हैं।

    • प्याज और लहसुन

      ये राजसिक/तामसिक हैं और भक्त वर्ष भर, विशेषकर एकादशी पर त्यागते हैं।

    • साधारण आयोडीन नमक

      व्रत में साधारण नमक की जगह सेंधा नमक लिया जाता है।

    • मांस, मछली, अंडा

      मांसाहार कभी वैष्णव आहार का अंग नहीं, एकादशी पर तो बिलकुल नहीं।

    सात्त्विक सिद्धांत — ये नियम क्यों हैं

    एकादशी केवल त्याग के लिए त्याग नहीं है। उद्देश्य शरीर की माँगों को घटाना है ताकि मन हरे कृष्ण महामंत्र के अतिरिक्त जप, श्रीमद्भागवत श्रवण और कृष्ण-स्मरण के लिए मुक्त हो। हल्का, अन्न रहित, सात्त्विक भोजन शरीर को शांत और चेतना को स्वच्छ रखता है।

    अन्न-त्याग का नियम और प्याज-लहसुन का परित्याग उस एकादशी व्रत मानक का अनुसरण करता है जिसे ISKCON के भक्त पालते हैं, जो पद्म पुराण और श्रील प्रभुपाद की शिक्षाओं में निहित है। भोजन उनकी शुद्धता (सत्त्व) के लिए चुने जाते हैं, घी में पकाए जाते हैं, जीरा, काली मिर्च, अदरक, हरी मिर्च और सेंधा नमक से बघारे जाते हैं और — सबसे महत्वपूर्ण — प्रसाद रूप में ग्रहण करने से पहले कृष्ण को अर्पित किए जाते हैं।

    आप जो भी स्तर का व्रत रखें, भाव एक ही है: सरलता, शुद्धता और भगवान का स्मरण। यदि आप वृद्ध, अस्वस्थ, गर्भवती या बहुत छोटे हैं, तो आवश्यकतानुसार फल, दूध और जल लें और कठोर व्रत के बजाय जप पर ध्यान दें।

    12 एकादशी व्रत रेसिपी

    नीचे दी हर रेसिपी अन्न रहित, प्याज रहित और लहसुन रहित है — जैसे हरे कृष्ण भक्त एकादशी प्रसाद बनाते हैं। पूरी रेसिपी के लिए किसी भी कार्ड पर टैप करें।

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    अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

    क्या एकादशी पर जल पी सकते हैं?

    हाँ, जब तक आप विशेष निर्जला एकादशी न रख रहे हों। सामान्य एकादशी पर जल, दूध और फलों का रस अनुमत है। केवल कठोर निर्जला एकादशी में जल त्यागना होता है।

    क्या एकादशी पर फल खा सकते हैं?

    हाँ। सभी ताजे और सूखे फल अनुमत हैं और सबसे सरल व शुद्ध एकादशी भोजन हैं। कई भक्त केवल फल, दूध और जल का फलाहार व्रत रखते हैं।

    एकादशी पर प्याज-लहसुन क्यों वर्जित है?

    प्याज और लहसुन राजसिक व तामसिक माने जाते हैं — ये मन और शरीर को उत्तेजित करते हैं। हरे कृष्ण भक्त इन्हें वर्ष भर, विशेषकर एकादशी पर त्यागते हैं जब लक्ष्य कृष्ण में स्थिर शांत, सात्त्विक चेतना है।

    एकादशी पर कौन सा नमक उपयोग करें?

    साधारण आयोडीन नमक के स्थान पर सेंधा नमक का उपयोग करें। सेंधा नमक ही सभी एकादशी व्रत भोजन में पारंपरिक व्रत-नमक है।

    क्या एकादशी पर साबूदाना खा सकते हैं?

    हाँ। साबूदाना अन्न नहीं है, इसलिए अनुमत है। साबूदाना खिचड़ी, खीर और वड़ा सबसे लोकप्रिय एकादशी व्यंजनों में हैं।

    क्या एकादशी पर दूध अनुमत है?

    हाँ। दूध और सभी डेयरी उत्पाद — दही, पनीर और घी — एकादशी व्रत में अनुमत व पौष्टिक हैं। अन्न के तेल के स्थान पर घी में पकाते हैं।

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