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एकादशी कुट्टू की पूरी — ISKCON व्रत रेसिपी (बिना प्याज बिना लहसुन)
एकादशी कुट्टू की पूरी — कुट्टू का आटा (बकव्हीट) से बनी कुरकुरी, सुनहरी पूरी — उत्तर भारत में ISKCON द्वारा अनुमोदित सबसे लोकप्रिय एकादशी तैयारियों में से एक है और अब दुनियाभर के हरे कृष्ण मंदिरों में परोसी जाती है। आटे को पानी की बजाय उबले मसले हुए आलू से बाँधा जाता है, जिससे ये पूरियाँ प्राकृतिक रूप से नरम अंदर और बाहर से कुरकुरी बनती हैं। बिना प्याज, बिना लहसुन और बिना सामान्य नमक — कुट्टू की पूरी वैष्णव एकादशी व्रत रसोई की आधारशिला है। जीरा आलू या दही के साथ परोसी जाने वाली यह पूरी ISKCON मंदिर रसोइयों की पसंदीदा एकादशी रोटी है।
Why This Recipe Is Ekadashi Approved
कुट्टू (बकव्हीट) Fagopyrum esculentum पौधे का बीज है — यह गेहूं, चावल या किसी अनाज घास से बिल्कुल अलग है। वनस्पति रूप से यह एक स्यूडो-अनाज है — एक चौड़ी पत्ती वाले पौधे का बीज — इसलिए वैष्णव व्रत परंपरा में अन्न (अनाज) के रूप में वर्गीकृत नहीं। पद्म पुराण में एकादशी पर अनाज का निषेध है; बीज और स्यूडो-अनाज इस प्रतिबंध के अधीन नहीं। कुट्टू प्राकृतिक रूप से ग्लूटेन-मुक्त भी है। ISKCON मंदिरों में दशकों से एकादशी पर कुट्टू की पूरी परोसी जाती है। केवल सेंधा नमक, शुद्ध घी, आलू, हरी मिर्च और धनिया — सभी ISKCON मानक सात्त्विक व्रत सामग्री।
🙏 Srila Prabhupada's Guidance: श्रील प्रभुपाद ने कहा कि एकादशी व्रत शरीर की शुद्धि का दिन है। कुट्टू की पूरी — सात्त्विक, अनाज-मुक्त, घी में तली — भक्त को शारीरिक ऊर्जा देती है जिससे वह अतिरिक्त जप और भागवत पाठ कर सके।
Ingredients
- 2 कप कुट्टू का आटा
- 2 मध्यम आलू, उबले और मसले
- 1 चम्मच सेंधा नमक
- 1 हरी मिर्च, बारीक कटी
- 2 बड़े चम्मच धनिया पत्ती, बारीक कटी
- तलने के लिए घी (लगभग 500ml कढ़ाई में)
- बेलने के लिए कुट्टू आटा
💡 Key Tip
मसला आलू बाइंडर है — आटा बेलने के लिए काफी सख्त होना चाहिए। अतिरिक्त पानी न डालें। मध्यम मोटाई में बेलें ताकि तलते समय न टूटे।
Nutritional Note
बकव्हीट संपूर्ण प्रोटीन है जिसमें सभी आवश्यक अमीनो एसिड होते हैं। ग्लूटेन-मुक्त। घी से वसा-घुलनशील विटामिन। उच्च ऊर्जा व्रत भोजन।
Step-by-Step Instructions
- 1
आटा गूंधें
कुट्टू का आटा, मसले आलू, सेंधा नमक, हरी मिर्च और धनिया मिलाकर सख्त आटा गूंधें। आलू की नमी बाइंडर का काम करती है — पानी न डालें जब तक जरूरी न हो।
- 2
लोई बनाएं और बेलें
12-14 बराबर लोइयाँ बनाएं। कुट्टू आटे से धूलकर प्रत्येक लोई को छोटे गोल में बेलें — लगभग 3-4 इंच व्यास। बहुत पतला न बेलें।
- 3
घी गर्म करें
कढ़ाई में घी मध्यम-तेज आंच पर गर्म करें। एक छोटा टुकड़ा आटे का डालें — तुरंत ऊपर आना चाहिए।
- 4
पूरियाँ तलें
एक पूरी धीरे से घी में डालें। हल्के दबाव से करछी से दबाएं ताकि पूरी फूल जाए। 1-2 मिनट प्रत्येक तरफ तलें जब तक सुनहरी न हो जाए। कागज पर निकालें।
- 5
अर्पित करें और परोसें
भगवान कृष्ण को अर्पित करें। जीरा आलू, दही या धनिया चटनी (बिना प्याज) के साथ तुरंत परोसें।
🪷 Offer to Krishna First
Before honouring this prasadam, offer it to Lord Krishna on your home altar with the standard offering prayer:
namo brahmanya-devāya go-brāhmaṇa-hitāya ca
jagad-dhitāya kṛṣṇāya govindāya namo namaḥ
Once offered, it becomes maha-prasadam — transcendental food that purifies the soul.
Chant while you cook — open the Bhajans Playlist and let the kitchen become a place of devotional service.
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Frequently Asked Questions
About This Recipe
- 1970 के दशक से ISKCON मंदिरों में एकादशी पर परोसी जाती है
- श्रील प्रभुपाद के एकादशी मानकों का पालन
- ISKCON Desire Tree के दिशा-निर्देशों के अनुरूप
- KC Zenithians समुदाय — नल्लागंडला सत्संग में एकादशी पर अर्पित
This recipe follows ISKCON Ekadashi standards as established by Srila Prabhupada.



