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एकादशी साबूदाना खिचड़ी — ISKCON व्रत रेसिपी (बिना प्याज बिना लहसुन)
एकादशी साबूदाना खिचड़ी ISKCON द्वारा अनुमोदित सबसे प्रिय व्रत रेसिपीज़ में से एक है जिसे दुनियाभर के हरे कृष्ण भक्त एकादशी के दिन बनाते हैं। यह सरल किन्तु अत्यंत संतोषजनक व्यंजन — रात भर भिगोए गए साबूदाने, भुने मूंगफली, उबले आलू, जीरा और सेंधा नमक को शुद्ध घी में मिलाकर बनाया जाता है — श्रील प्रभुपाद द्वारा 1966 में ISKCON की स्थापना के बाद से ही हर महाद्वीप के ISKCON मंदिरों में एकादशी व्रत का प्रमुख व्यंजन रहा है। बाज़ार में मिलने वाले परिरक्षक युक्त व्रत खाद्य पदार्थों के विपरीत, इस मंदिर-शैली की तैयारी में केवल सात्त्विक सामग्री का उपयोग होता है जो व्रत के दौरान शारीरिक पोषण और मानसिक स्पष्टता दोनों का समर्थन करती है। श्रील प्रभुपाद ने अपने शिष्यों को एकादशी का कड़ाई से पालन करने के लिए प्रोत्साहित किया। यह साबूदाना खिचड़ी — पेट पर हल्की और ऊर्जा से भरपूर — ISKCON भक्तों द्वारा अपनाई गई पहली व्रत तैयारियों में से एक थी। चिपचिपे न होने वाले साबूदाने का रहस्य है न्यूनतम पानी में भिगोना और पकाने से पहले पूरी तरह निकालना।
Why This Recipe Is Ekadashi Approved
साबूदाना, जिसे टेपिओका पर्ल्स या साबूदाना भी कहते हैं, कसावा जड़ के स्टार्च से बनाया जाता है — यह एक कंद है, अनाज नहीं। एकादशी पर यह वनस्पति वर्गीकरण बहुत महत्वपूर्ण है, जब वैष्णव शास्त्र (पद्म पुराण और स्कंद पुराण) अन्न (अनाज) के सेवन को निषिद्ध करते हैं। चूँकि साबूदाना कसावा जड़ के स्टार्च से बना होता है और इसे अनाज व्युत्पन्न के रूप में वर्गीकृत नहीं किया जाता, इसलिए यह ISKCON मानकों द्वारा एकादशी व्रत के लिए पूरी तरह अनुमोदित है। श्रील प्रभुपाद का एकादशी मानक तिल, सरसों के बीज और मूंगफली को शामिल करता था — सरल सात्त्विक तैयारियाँ जो आध्यात्मिक अभ्यास का समर्थन करती हैं। सेंधा नमक का उपयोग सामान्य आयोडीन युक्त नमक के स्थान पर किया जाता है। बिना प्याज, बिना लहसुन — ISKCON के सख्त राजसिक और तामसिक सामग्री बहिष्करण के अनुरूप। इस रेसिपी को ISKCON Desire Tree के एकादशी खाद्य दिशा-निर्देशों के विरुद्ध सत्यापित किया गया है।
🙏 Srila Prabhupada's Guidance: श्रील प्रभुपाद ने सिखाया: 'एकादशी पर अनाज न खाएं। जितना हो सके हरे कृष्ण का जप करें।' साबूदाना खिचड़ी — हल्की और सात्त्विक — उन भक्तों के लिए आदर्श है जो पूर्णतः उपवास नहीं कर सकते।
Ingredients
- 1 कप साबूदाना (टेपिओका पर्ल्स)
- 2 मध्यम आकार के आलू, उबले और कटे
- ½ कप भुनी मूंगफली, मोटी पिसी हुई
- 2 बड़े चम्मच शुद्ध घी
- 1 चम्मच जीरा
- 2 हरी मिर्च, बारीक कटी
- 1 चम्मच सेंधा नमक
- 1 बड़ा चम्मच नींबू का रस
- 2 बड़े चम्मच ताज़ा धनिया पत्ती, कटी हुई
- 1 चम्मच चीनी (वैकल्पिक)
💡 Key Tip
चिपचिपी न होने वाली साबूदाना खिचड़ी का रहस्य है न्यूनतम पानी में भिगोना और पकाने से पहले पूरी तरह छानना। अतिरिक्त पानी में कभी न भिगोएं।
Nutritional Note
कार्बोहाइड्रेट से भरपूर, त्वरित ऊर्जा के लिए। मूंगफली से प्रोटीन, घी से स्वस्थ वसा। एकादशी और सामान्य व्रत उपवास के लिए उपयुक्त।
Step-by-Step Instructions
- 1
साबूदाना भिगोएं
साबूदाने को एक कटोरे में रखें और उतना ही पानी डालें जितना ढकने के लिए ज़रूरी हो — 1:1 अनुपात। अतिरिक्त पानी न डालें। रात भर (कम से कम 8 घंटे) या कम से कम 6 घंटे भिगोएं। साबूदाने को सारा पानी सोख लेना चाहिए और नरम होना चाहिए लेकिन लसदार नहीं।
- 2
पूरी तरह छानें
भिगोए साबूदाने को बारीक छलनी से छानें। सारी अतिरिक्त नमी निकाल दें। यह कदम बहुत महत्वपूर्ण है — बचा हुआ पानी साबूदाने को चिपचिपा बना देगा। यदि आवश्यक हो तो किचन टॉवल पर फैलाकर थपथपाकर सुखाएं।
- 3
घी गर्म करें और जीरा चटकाएं
एक चौड़े नॉन-स्टिक पैन में 2 बड़े चम्मच शुद्ध घी मध्यम आंच पर गर्म करें। जीरा डालें और 30 सेकंड तक चटकने दें जब तक सुगंधित और हल्का सुनहरा न हो जाए।
- 4
मिर्च और आलू डालें
कटी हरी मिर्च डालें और 30 सेकंड भूनें। उबले कटे आलू डालें और घी में मिलाएं। मध्यम आंच पर 3 मिनट पकाएं।
- 5
साबूदाना डालें
छना साबूदाना पैन में डालें। धीरे से मिलाएं। मध्यम-धीमी आंच पर 5 मिनट पकाएं, हर मिनट हिलाते हुए, जब तक साबूदाना पारदर्शी न हो जाए।
- 6
मसाला डालें और परोसें
पिसी मूंगफली, सेंधा नमक और चीनी डालें। धीरे मिलाएं और 2 मिनट और पकाएं। आंच बंद करें। नींबू का रस और धनिया डालें। धीरे मिलाएं। गर्म परोसें।
🪷 Offer to Krishna First
Before honouring this prasadam, offer it to Lord Krishna on your home altar with the standard offering prayer:
namo brahmanya-devāya go-brāhmaṇa-hitāya ca
jagad-dhitāya kṛṣṇāya govindāya namo namaḥ
Once offered, it becomes maha-prasadam — transcendental food that purifies the soul.
Chant while you cook — open the Bhajans Playlist and let the kitchen become a place of devotional service.
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Frequently Asked Questions
About This Recipe
- 1966 से दुनियाभर के ISKCON मंदिरों में परोसी जाती है
- श्रील प्रभुपाद के एकादशी मानकों का पालन
- ISKCON Desire Tree के एकादशी खाद्य दिशा-निर्देशों के अनुरूप सत्यापित
- KC Zenithians समुदाय की तैयारी — नल्लागंडला सत्संग में एकादशी पर अर्पित
This recipe follows ISKCON Ekadashi standards as established by Srila Prabhupada.



