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एकादशी केला शीरा — राजगिरा केला हलवा (बिना अनाज, बिना प्याज, बिना लहसुन)
केला शीरा एकादशी का एक अत्यंत संतोषजनक मीठा व्यंजन है जो पके केलों की प्राकृतिक मिठास को राजगिरा आटे (अमरांत आटे) के अखरोट जैसे स्वाद के साथ, भरपूर घी में इलायची की सुगंध और सुनहरे काजू-किशमिश के साथ तैयार किया जाता है। वैष्णव भक्ति रसोई में मिठाइयों का विशेष स्थान है — कृष्ण को शास्त्रों में मीठी तैयारियों का विशेष प्रिय बताया गया है। राजगिरा आटा एकादशी के प्रमुख आटों में से एक है — यह अनाज नहीं है और व्रत के लिए पूरी तरह उपयुक्त है। यह रेसिपी वैष्णव एकादशी व्रत सिद्धांतों का पालन करती है।
Why This Recipe Is Ekadashi Approved
राजगिरा आटा Amaranthus hypochondriacus (अमरांत) से बनता है — यह एक स्यूडोसीरियल है, वनस्पतिक रूप से Amaranthaceae परिवार का बीज, अनाज नहीं। एकादशी पर वर्जित अन्न (अनाज) केवल अनाज घास परिवार के अनाजों पर लागू होता है; राजगिरा स्पष्ट रूप से एकादशी आटों में सूचीबद्ध है। केले फल हैं, पूरी तरह अनुमत। चीनी, इलायची, काजू, किशमिश, दूध — सभी अनुमत। घी पारंपरिक वैष्णव खाना पकाने का माध्यम है। बिना प्याज, बिना लहसुन।
🙏 Srila Prabhupada's Guidance: श्रील प्रभुपाद ने कृष्ण को भोजन अर्पित करने को एक मूलभूत भक्तिमय कार्य बताया। राजगिरा, पके केले और शुद्ध घी से बना केला शीरा — एकादशी जैसे शुभ व्रत दिवसों पर कृष्ण को सबसे मीठी और पोषक तैयारी अर्पित करने की वैष्णव परंपरा का प्रतीक है।
Ingredients
- 3 पके केले, छीलकर चिकने मैश किए हुए (लगभग 1 कप)
- ½ कप राजगिरा आटा (अमरांत आटा)
- 3 बड़े चम्मच शुद्ध घी
- 3 बड़े चम्मच चीनी (स्वादानुसार — पके केले मीठे होते हैं)
- ½ छोटा चम्मच इलायची पाउडर
- 1 बड़ा चम्मच कच्चे काजू, आधे कटे
- 1 बड़ा चम्मच किशमिश
- ¼ कप पूर्ण वसा वाला दूध (वैकल्पिक, मलाईदार बनावट के लिए)
💡 Key Tip
बहुत पके केलों का उपयोग करें (भूरे धब्बों वाली त्वचा) — मीठे, मलाईदार, और कम अतिरिक्त चीनी की ज़रूरत। राजगिरा आटे को अच्छी तरह भूनना अनिवार्य है।
Nutritional Note
राजगिरा (अमरांत) सबसे पोषक एकादशी आटों में से एक है — प्रोटीन, आयरन, कैल्शियम और लाइसिन से भरपूर। केले पोटेशियम और त्वरित प्राकृतिक ऊर्जा देते हैं। घी वसा-घुलनशील विटामिन के अवशोषण में मदद करता है।
Step-by-Step Instructions
- 1
काजू और किशमिश भूनें
एक भारी पैन में 1 चम्मच घी गर्म करें। काजू 1–2 मिनट सुनहरा होने तक भूनें। किशमिश 30 सेकंड फूलने तक भूनें। निकालकर रखें।
- 2
राजगिरा आटा भूनें
उसी पैन में बचा हुआ घी (लगभग 2.5 बड़े चम्मच) डालें। राजगिरा आटा मध्यम-धीमी आंच पर 4–5 मिनट लगातार हिलाते हुए भूनें जब तक हल्का सुनहरा-एम्बर रंग न आए और अखरोट जैसी सुगंध न आए।
- 3
केले डालें
मैश केले राजगिरा आटे में डालें। जोर से हिलाएं — केले की नमी तुरंत आटे को हाइड्रेट करेगी। मध्यम आंच पर 3 मिनट पकाएं।
- 4
चीनी और दूध डालें
चीनी और दूध (यदि उपयोग कर रहे हैं) डालें। मध्यम आंच पर 5–6 मिनट लगातार हिलाते हुए पकाएं जब तक शीरा गाढ़ा न हो जाए, पैन के किनारे न छोड़े और किनारों पर घी न दिखे।
- 5
इलायची डालें और परोसें
आंच बंद करें। इलायची पाउडर मिलाएं। परोसने के बर्तन में डालें और भुने काजू-किशमिश से सजाएं। गर्म परोसें।
🪷 Offer to Krishna First
Before honouring this prasadam, offer it to Lord Krishna with love. Place the preparation before a picture or deity of Krishna and offer it with a sincere heart, chanting Hare Krishna. Food offered to Krishna becomes prasadam — sanctified food that nourishes both body and soul.
Make your cooking a meditation — chant the Hare Krishna maha-mantra while you prepare this offering: Hare Krishna Hare Krishna Krishna Krishna Hare Hare / Hare Rama Hare Rama Rama Rama Hare Hare. You can also play bhajans from our bhajans collection while cooking.
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Frequently Asked Questions
About This Recipe
- Following Srila Prabhupada's Ekadashi standard (Yamuna Devi's Lord Krishna's Cuisine)
- Consistent with ISKCON Desire Tree's Ekadashi food guidelines
This recipe is prepared according to the Ekadashi fasting standards followed by ISKCON devotees.



